Lunkaransar Times-Apr-2026Sri Dungargarh, India* पंचांगतिथि तृतीया 12:02 PMनक्षत्र विशाखा +00:08 AMकरण :विष्टि 12:02 PMबव 12:02 PMपक्ष कृष्णयोग वज्र 02:42 PMवार रविवार* सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँसूर्योदय 06:20 AMचन्द्रोदय 10:04 PM※चन्द्र राशि तुलाचन्द्र वास पश्चिम*सूर्यास्त 06:53 PMचन्द्रास्त 07:50 AMऋतु वसंत* हिन्दू मास एवं वर्षशक सम्वत 1948 पराभवकलि सम्वत 5127※दिन काल 12:33 PMविक्रम सम्वत 2083※मास अमांत चैत्र※※मास पूर्णिमांत वैशाख* शुभ और अशुभ समय* शुभ समयअभिजित 12:11:57 – 13:02:09* अशुभ समयदुष्टमुहूर्त 05:13 PM – 06:03 PMकंटक 10:31 AM – 11:21 AMयमघण्ट 01:52 PM 02:42 PMराहु काल 05:19 PM – 06:53 PMकुलिक 05:13 PM – 06:03 PMकालवेला या अर्द्धयाम 12:11 PM – 01:02 PMयमगण्ड 12:37 PM 02:11 PM※गुलिक काल 03:45 PM – 05:19 PM*दिशा शूलदिशा शूल पश्चिमकन्या द्विस्वाभावशुरू: 05:13 PM समाप्तः 07:29 PMतुला चरशुरू: 07:29 PM समाप्तः 09:49 PMवृश्चिक स्थिरशुरू: 09:49 PM समाप्तः अगले दिन 00:07 AMधनु द्विस्वाभावशुरू: अगले दिन 00:07 AM समाप्तः अगले दिन 02:12 AMमकर चरशुरू: अगले दिन 02:12 AM समाप्तः अगले दिन 03:55 AMकुम्भ स्थिरशुरू: अगले दिन 03:55 AM समाप्तः अगले दिन 05:23 AM।। आज का दिन अत्यंत मंगलमय हो ।।दिन (वार) रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य देवेइस दिन आदित्य हृदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। अतः रविवार के दिन मंदिर में भैरव जी के दर्शन अवश्य करें ।रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र” ॐ काल भैरवाय नमः ” या ” ॐ श्री भैरवाय नमः ” की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है* चन्द्रबल और ताराबल* ताराबल※भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती* चन्द्रबलमेष, वृषभ, सिंह, तुला, धनु, मकरचोघडियाउद्वेग 06:20:30 – 07:54:38-चल 07:54:38 – 09:28:46लाभ 09:28:46 – 11:02:55अमृत 11:02:55 – 12:37:03काल 12:37:03 – 14:11:11शुभ 14:11:11 – 15:45:20रोग 15:45:20 – 17:19:28उद्वेग 17:19:28 – 18:53:37शुभ 18:53:37 – 20:19:20अमृत 20:19:20 – 21:45:03चल 21:45:03 – 23:10:46रोग 23:10:46 – 24:36:30काल 24:36:30 – 26:02:13-लाभ 26:02:13 – 27:27:56उद्वेग 27:27:56 – 28:53:39*शुभ 28:53:39 – 30:19:22: लग्न तालिकामीन द्विस्वाभावशुरू: 05:23 AM समाप्तः 06:47 AMमेष चरशुरू: 06:47 AM समाप्तः 08:25 AMवृषभ स्थिरशुरू: 08:25 AM समाप्तः 10:21 AMमिथुन द्विस्वाभावशुरू: 10:21 AM समाप्तः 12:36 PMकर्क चरशुरू: 12:36 PM 1समाप्तः 02:56 PMसिंह स्थिरशुरू: 02:56 PM समाप्तः 05:13 PMकन्या द्विस्वाभाव
