
LUNKARANSAR TIMES-लूणकरणसर। भीषण गर्मी के इस मौसम में लूणकरणसर क्षेत्र में पानी की भारी किल्लत ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछले डेढ़ महीने से जारी इंदिरा गांधी नहर (IGNP) की नहरबंदी और ऊपर से प्रशासन द्वारा 8 से 10 दिनों में की जा रही पानी की सप्लाई ने क्षेत्र में आपातकाल जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। इस भीषण गर्मी में बिना पानी के आम आदमी और मजदूर वर्ग का जीना मुहाल हो गया है। संकट की मुख्य वजहें और जमीनी हकीकतडेढ़ महीने से नहरबंदी: IGNP नहर को साल में 1-2 बार मेंटेनेंस के लिए बंद किया जाता है, जो एक तकनीकी प्रक्रिया है। लेकिन इस दौरान जनता के लिए वैकल्पिक पानी की व्यवस्था करना पूरी तरह प्रशासन की जिम्मेदारी थी, जिसमें लापरवाही साफ नजर आ रही है।8-10 दिन में एक बार सप्लाई: कस्बे और ग्रामीण इलाकों में आठ से दस दिनों में सिर्फ एक बार पानी की सप्लाई हो रही है। इसका सीधा मतलब है कि जनता को एक दिन पानी स्टोर करके बाकी के 9 दिन निजी टैंकरों के भरोसे काटने पड़ रहे हैं।टैंकर ही एकमात्र सहारा: इस भयंकर दौर में जब सरकारी सप्लाई ठप है, तब निजी पानी के टैंकर ही गरीब और मजदूर वर्ग की प्यास बुझा रहे हैं। जल संकट के बीच अधिकारियों की संवेदनहीनताहालात तब और ज्यादा बिगड़ गए जब IGNP के अधिकारियों ने एक संवेदनहीन फैसला लेते हुए टैंकर चालकों को पानी भरने से साफ मना कर दिया और टैंकरों की कतारों को रोक दिया। इस फैसले से पूरे क्षेत्र में हाहाकार मच गया, क्योंकि टैंकर बंद होने का मतलब था लोगों के घरों में बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना।